» DJ ABREK - Raat Ka Dard (Pain of the Night)

Текст песни

रात के दो बजे
नींद नहीं आती
बारिश में भीगी
शहर की रातें
तू बदल गई जब जिंदगी ने दबाया
अब तू कहती है जैसे कुछ था ही नहीं
मैं बाहर था, सपने बुन रहा था, लंबी रातें
तेरा साथ था कहां?
तेरी सहेली मेरी बुराई करती है

Рекомендации

Template not found: /templates/muzex/addcomments.tpl